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DY Chandrachud Collegium Controversy: पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर Justice Kaul के गंभीर आरोप! मचा हंगामा

Oneindia Hindi | वनइंडिया हिन्दी 13 views10/26/2026

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DY Chandrachud Collegium Controversy: पूर्व CJI चंद्रचूड़ पर Justice Kaul के गंभीर आरोप! मचा हंगामा is a video by Oneindia Hindi | वनइंडिया हिन्दी, published on October 26, 2026 and watched 13 views. Stream it on TubeSearch Pro for a clean, distraction-free viewing experience and explore more related videos from Oneindia Hindi | वनइंडिया हिन्दी below.

Description

Supreme Court के पूर्व न्यायाधीश Justice Sanjay Kishan Kaul के संस्मरण 'Without Fear or Favour' से न्यायपालिका में बड़ा तूफान! जानिए कैसे उन्होंने पूर्व CJI DY Chandrachud के कार्यकाल में जजों की नियुक्तियों और सरकार के प्रति रुख पर सनसनीखेज सवाल खड़े किए हैं। <br />सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस संजय किशन कौल की किताब 'विदाउट फियर ओर फेवर' (Without Fear or Favour) के पन्नों से न्यायपालिका और कार्यपालिका के रिश्तों को लेकर एक नई राष्ट्रीय बहस छिड़ गई है। जस्टिस कौल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ के कार्यकाल के दौरान कॉलेजियम व्यवस्था के संचालन और जजों की नियुक्तियों में सरकार के रुख पर अपनी गंभीर असहमति व्यक्त की है। उनका आरोप है कि कॉलेजियम की औपचारिक बैठक से पहले सरकार की पूर्व-सहमति लेने का प्रयास किया गया, जिससे भविष्य में न्यायपालिका की स्वतंत्रता प्रभावित हो सकती है। <br /> <br />संस्मरण में जस्टिस कौल ने एक महत्वपूर्ण प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने सरकार के साथ वार्ता के लिए 'गुड कॉप-बैड कॉप' (Good Cop-Bad Cop) रणनीति का सुझाव दिया था, ताकि जजों की सिफारिशों पर सरकार के समक्ष मजबूत रुख अपनाया जा सके। हालांकि, पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने इस प्रक्रिया को व्यक्तिगत स्तर पर ही संभालना उचित समझा। इसके अतिरिक्त, कौल ने अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले एक न्यायिक उम्मीदवार के धर्म परिवर्तन और जाति को लेकर सरकार द्वारा पूछे गए सवालों पर भी अपनी गहरी चिंता जताई है। <br /> <br />इसी के साथ, जस्टिस कौल ने वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) पर भी अपनी अलग राय रखी है। उनका मानना है कि एनजैक को तुरंत खारिज करने के बजाय उसे एक बार काम करने का अवसर दिया जाना चाहिए था। जजों की नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता, कॉलेजियम की कार्यप्रणाली और सरकार के प्रभाव को लेकर सामने आई इन टिप्पणियों पर पूर्व CJI डी.वाई. चंद्रचूड़ की प्रतिक्रिया भी आ चुकी है, जिससे यह कानूनी विवाद और गहरा गया है। <br /> <br /> <br />Former Supreme Court judge Justice Sanjay Kishan Kaul, in his memoir 'Without Fear or Favour', raised critical questions about former CJI DY Chandrachud's handling of the Collegium system and judicial appointments. Justice Kaul highlighted disagreements over pre-consultation with the government before formal Collegium meetings, concerns over candidate vetting criteria, and his alternative perspective on the 2015 NJAC verdict. <br /> <br /> <br />#DYChandrachud #JusticeSKKaul #CollegiumSystem<br /><br />~HT.178~PR.514~ED.106~GR.122~VG.HM~